मेरी माँ को मेरे स्कुल प्रिन्सिपल ने अपने ऑफिस में हि चोद दिया बूर फाड़कर

loading...

कुछ वर्षों पहले की बात है, मेरे पापा का अमेठी में ट्रांसफर हो गया था। वैसे तो हम लोग लखनऊ के रहने वाले थे। पर मेरे पिता जी का ट्रांफेर अमेठी में हो गया था। वो crpf फाॅर्स में बाबू थे। मेरा नाम अमेठी के ही एक बड़े अच्छे महंगे स्कुल में लिखवा दिया गया था। मेरी माँ कभी मेरे स्कुल नही गयी थी। फिर अमेठी ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद मेरे पापा का देहांत हो गया। वो बहुत शराब पीते थे। पीकर कभी इस सड़क पर, कभी उस गली में पड़े रहते थे। कई बार अपने सहकर्मियों से भी वो मार पीट कर लेते थे। इस तरह वो शराब पी पीकर मर गए।

loading...

अब मेरी माँ बेसहारा हो गयी। मैं उस वक़्त 6 में पढ़ता था। अब तो मेरी माँ पर मुसिबत का पहाड़ ही टूट पड़ा दोंस्तों। अब पैसो की भी कमी हो गयी। मेरी स्कुल बस छूट गयी। क्योंकि उसमें बड़ा पैसा लगता था। अब माँ के ही मुझको पैदल पैदल स्कुल ले जाने लगी। इससे कुछ पैसा बचने लगा। माँ अभी 32 की थी। बिलकुल टंच जवान माल थी। मेरे बॉप को मरे कुछ महीने बीते नही की अब मोहल्ले का हर जवान लड़का अपने लण्ड से माँ को चोदने के सपने देखने लगा।
ये देखो! जा रही है छिनाल! जरूर पिछले जन्म में कई मर्दों ने चलती होगी, तभी तो इसका मर्द मर गया!! देखो मरने के बाद भी रूप रंग कम ना हुआ! आवारा आज भी लिपस्टिक लगाके ही बाजार जाती है! सब कहते। मेरी माँ को लेकर बस्ती का हर जवान लड़का कमेंट करता।

पर मेरी माँ बहुत ही सीधी लोकलाजी और संस्कार वान औरत थी। वो कभी पलट के किसी लडके को कोई जवाब नही देती थी। सिर झुकाकर वो बाजार जाती थी और सिर झुकाकर ही वो घर लौटती थी। मेरे बस्ती के आवारा लड़के माँ को पटाने के लिए तरह तरह के कॉमेंट करते थे।
अरे भाभी!! पैदल पैदल कहाँ जा रही हो! इतने नौजुक पैर तुम्हारे जमीन पर चलने के लिए नहीं है। हमे एक मौका दे दो, पलकों पर उठाकर रखूँगा! लड़के कहते थे। हर आवारा और जवान लड़का बस मेरी माँ को एक बार चोदना चाहता था।
अरे भाभी! लाओ वैभव को मैं मोटरसाइकल से स्कुल छोड़ आऊं! तुम खामखा क्यों तकलीफ उड़ाती हो! वो लड़के माँ को तरह तरह का ऑफर देते थे। पर माँ मना कर देती थी। उन लड़कों की मदद लेने का मतलब था उसने व्यवहार बढ़ाना। और अंत में उनको चूत देना।

सायद माँ अभी चुदासी नही थी। इसी तरह दोंस्तों, माँ जिंदगी का सामना करने लगी। घर के काम भी निपटाती और मुझे भी संभालती। पैसा कमाने के लिए माँ घर पर ही छोटे बच्चो को ट्यूशन देने लगी। पापा के मरने के बाद अब माँ ही मेरी फ़ीस जमा करने स्कुल जाती थी। फ़ीस भी वो ही जमा करती थी। मैं उस वक़्त छोटा था 5 या 6 में हूँगा। मेरे प्रिन्सिपल उपाध्याय जी से माँ की अच्छी जानपहचान हो गयी थी। अगला महीने की 15 तारीख फिर आ गयी। मेरी माँ फिर से स्कुल फ़ीस जमा करने पहुँची। प्रिन्सिपल साहेब से माँ की मुलाकात हो गयी।
अरे रजनी जी!! नमस्कार!! आइये बैठिए आके। मैंने तो आपके बारे में अभी स्टाफ से बात कर रहा था। बताइये अभी आपकी कोई उम्र नही है। पर ईश्वर ने आप पर कितना बड़ा संकट डाल दिया! उपाध्याय जी जो मेरे स्कुल के प्रिंसिपल थे बोले।

मेरी माँ विधवा जरूर हो गयी थी, पर रंगीन कपड़े पहनती थी। क्योंकि अब 21वी सदी में वो सफ़ेद साडी का जमाना चला गया। अब तो रांड़ भी पूरा मेकअप करके रहती है। मेरी माँ ऐसी ही एक रांड़ थी। उपाध्याय जी के मीठे वचन सुनकर माँ मुस्कुरा दी।
रजनी जी!! मैंने हमारे मैनेजर और ओनर से सिफारिश की थी की आपकी फ़ीस आधी कर दी जाए! वो मंजूर हो गयी है। अब आपको 2000 की जगह 1000 देने पढेंगे! प्रिन्सिपल बोले।
प्रिसिपल साहब!! मैं आपका अहसान कभी नहीं भूलूंगी! माँ की आँखों में आँसू आ गये। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर उनका अहसान जताया।

मित्रो, अब हमारी गृहस्थी में हर महीने1000 बचने लगे। पापा के मरने के बाद तो हम लोग पाई पाई की कीमत जान गए थे। अब मेरी माँ बहुत खुश थी। जहाँ अब हर दिन मेरे प्रिन्सिपल का जिक्र करती थी , वहीँ मुझको लगता था की जरूर दाल में कुछ काला है। भोसड़ी का उपाध्याय बड़ा चालू आइटम था। उसके बारे में कई कहावतें थी कि वो पैसे के लिये बहुत मरता है। लोग कहते थे की अगर पैसा मिलता हो तो वो आपमें बाप को बेच दे। अपनी माँ को कोठे पर बेच आये।

जब भोसड़ी का उपाध्याय मेरी माँ को कुछ जादा ही मक्खन लगाने लगा तो मैं परेशान हो गया। मैंने अपने दोंस्तों से इस बारे में पूछा।
वैभव!! तू बड़ा भोला है रे!! उपाध्याय की नजर तेरी माँ के रूप रंग पर है। असल में वो तेरी माँ को चोदना चाहता है! मेरे दोंस्तों ने मुझको बताया। मेरी गांड़ फट गयी। अब मेरी माँ ही मुझको स्कुल ले जाती थी। जब गाण्डू उपाध्याय देख लेता तो कहता रजनी जी! आइये बैठिए। आपके साथ एक चाय हो जाए। कितने दिन से आपके दर्शन नही हुए! वो कहता और खीस निपोरता। असल में वो मेरी माँ के चुत के दर्शन करना चाहता था।
अब पप्पा के मरने के बाद मेरी जवान माँ की जवानी में दीमक लगता जा रहा था। मोहल्ले की  औरते कहती रजनी!! तुझको चुदास तो लगती ही होगी, देख कोई मर्द फसा ले और हफ्ते में 1 बार चुदवा लिया कर। तेरी चूत की गर्मी निकलती रहेगी। माँ इसपर कुछ नही कहती थी। माँ चुदवाना तो चाहती थी, पर लोक लाज। घर परिवार इज्जत मर्यादा इनसब से बहुत डरती थी। मोहल्ले में किसी को पता चल गया तो लोग क्या कहेंगे। रिश्तेदार भी चूत मांगने लगे जाएंगे।

इसीसे माँ किसी से नही फंसी थी। हालांकि उनका चूदने का मन था। एक दिन माँ बहुत सारी सब्जियों की पन्नी लेकर आ गयी थी। मेरा हरामी चोदूँ प्रिंसीपल उपाध्याय मिल गया। उसने अपनी कार रोक दी।
अरे रजनी जी!! इतनी भारी पन्नियां उठाकर आपके नाजुक हाथों में दर्द हो गया होगा। आइये कार में बैठ जाएगी! वो बोला।
मुझे कुछ शॉपिंग और करनी है! माँ बोली
मैं भी आज फ्री हूँ। मैं भी कुछ शॉपिंग कर लूंगा! आपको ऐतराज तो नही रजनी! वो बोला।
माँ ने हाँ कर दी। क्योंकि उसने फ़ीस माफ़ करवा दी थी।

दोंस्तों, उस दिन मेरे प्रिन्सिपल को पूरे दिन एक मॉल से दूसरे मॉल, एक शॉपिंग स्टोर से दूसरे स्टोर खूब घुमाया। माँ उसके साथ आगे ही बैठी थी। कई बार कार में बार बार ब्रेक लगने माँ उछलकर उपाध्याय की तरह चली जाती। माँ ने उस दिन अपने बालों में शैम्पू किया था। बाल खुले छोड़ रखे थे। माँ ने अपने लंबे घने रेशमी बालों में गार्नियर का बरगंडी कलर किया था। गोरी चिकनी माँ ने जहाँ एक ओर अपने बाल खोल रखे थे, वही दूसरी ओर नीली डेनिम स्किन टाइट जीन्स पहन रखी थी।

माँ ने ऊपर एक क्रीम कलर का चुस्त टॉप भी डाल रखा था। माँ बिलकुल धमाल कमाल लग रही थी। भोसड़ी का उपाध्याय तो मेरे माँ के यौवन और रूप रंग पर लट्टु हो गया था। उसका अब एक ही सपना था, एक ही मिसन था मेरी माँ को पटाना और चोदना। वो बार बार ब्रेक मरता था और माँ के खुशबूदार खुले बाल बार बार उपाध्याय के मुँह पर बिखर जाते थे। दोंस्तों, आज तो उसकी निकल पड़ी थी। मेरी माँ को लाइन पर लाइन दिए जा रहा था। मेरी माँ जीन्स टॉप और खुले बालों में क्या पटाका लग रही थी।

जब शाम को शॉपिंग पूरी हो गयी तो भोसड़ी का उपाध्याय बोला
रजनी जी, यही पास में बरिश्ता है, चलिए कॉफी हो जाए!
नही प्रिन्सिपल साहेब, फिर किसी दिन माँ बोली
प्लीस! क्या मैं इतना बदनसीब हूँ की आपके साथ एक कम कॉफी भी नहीं पी सकता!
आप इतना जोर दे रहे है तो चलिये! माँ बोली
उपाध्याय खुसी से उछल पड़ा। माँ को कॉफी पिलाई। फिर अपनी कार में घर भी छोड़ दिया।

धीरे धीरे मेरा इस्क़बाज प्रिन्सिपल मेरी माँ के पीछे पागल हो गया। जब अगली बार माँ फ़ीस जमा करने गयी तो फोन नम्बर भी ले लिया। माँ को सुबह शाम गुडमॉर्निंग, गुड इवनिंग करता।
रजनी जी! आप मुझसे शादी करेंगी! मैं आपसे प्यार करता हूँ!! एक दिन उपाध्याय ने मेरी गजब की खूबसूरत माँ को प्रोपोज़ कर दिया। माँ तो शर्म से गड़ गयी।
पता नही उपाध्याय जी! माँ बोली
दोंस्तों, कुछ महीनो में उसने मेरी माँ को सेट कर लिया। मैं भले ही 10 12 साल का था पर समझदार था। हालांकि मैं चुदाई के बारे में कम ही जानता था। अब शाम को जब मैं अपने स्कुल का होमवर्क करता, माँ मेरे सामने ही बैठी रहती। वो अब 3 3, 4 4घण्टे अब मेरे सिटियाबाज प्रिन्सिपल से बात करती। उपाध्याय की मेहनत रंग लाई। आखिर 6 महीने बाद मेरी पटाखा जीन्स पहनने वाली माल जैसी मेरी माँ उससे सेट हो गयी थी। हर हफ्ते वो माँ को कपड़े, जूते, मोबाइल, मिठाईयां और ना जाने क्या क्या गिफ्ट करता। मेरी माँ पर हजारों रुपए फुक देता। दोस्तों आप ये कहानी नोनवेज स्टोरी पे पढ़ रहे है.

मैं जानता था वो सब उपाध्याय मेरी माँ को चोदने खाने के लिए कर रहा था। मैं ये बात अच्छी तरह जानता था। अब तो माँ भी खूब बाटे करती। अब उपाध्याय का स्टाइल बदल गया था। माँ लाउड स्पीकर पर बात करती। अब उसका बात करने का लहजा बदल गया था।
रजनी! कब दोगी यार!!  ये भंवरा 6 महीनो से प्यासा है? इतना मत तड़पाओ रजनी! वरना ये भंवरा मर जाएगा! उपाध्याय बड़ी नजाकत से कहता।
माँ इसपर जोर से हँस देती।
दे दूंगी! दे दूंगी! जरा सब्र रखो प्रिन्सिपल साहेब! माँ प्यार से कहती।

मैंने अपने दोंस्तों को बताया कि भोसड़ी का उपाध्याय माँ से कहता है कब दोगी?? कब दोगी?? वो गाण्डू आखिर मेरी माँ से क्या मांग रहा है।
भाई!! उपाध्याय तुम्हारी माँ से चूत मांग रहा है मेरे दोंस्तों ने बताया। मेरा तो दिमाग घूम गया ये सुनकर। 2।दिन बाद माँ ने बड़ा गजब का मेकअप किया। बिलकुल कटरीना कैफ लग रही थी। आज भी माँ ने जीन्स टॉप पहना था। आज माँ बिलकुल सामान लग रही थी। माँ छुट्टी के वक़्त स्कुल पहुँच गयी। माँ ने मुझको पार्क में खेलने को कह दिया। वो उपाध्याय के कमरे में चली गयी। अब छुट्टी हो गयी थी। सारे टीचर चले गए थे। बस एक चपरासी था।
देखो सारे स्टाफ की छुट्टी कर दो। तुम बाहर ही बैठो! कोई अंदर ना आने पाये! उपाध्याय बोला।

मेरी माँ अंदर।चली गयी।
आज इस औरत को चोदेगा उपाध्याय ! चपरासी धीरे से फुसफुसाया। मैं तो दोंस्तों, उस वक़्त बच्चा था। पार्क में खेल रहा था। उधर उपाध्याय मेरी माँ को भांजने की तैयारी कर रहा था। माँ उसके कमरे में गयी। उसने शीशे का दरवाजा बन कर लिया अंदर से। पर्दे खीच लिए। चपरासी जान गया कि जो औरत अभी अंदर गयी है, आज उसके चूदने का कांड हो जाएगा। उपाध्याय मेरी माँ से लिपट गया। ओहः रजनी! कितना इंतजार करवाया तुमने!! वो बोला।
मेरी माँ के परफ्यूम उपाध्याय की नाक तक पंहुचा। वो मस्त हो गया। आज 6 महीने मेरी माँ भी किसी पुरुष का साथ पाना चाहती थी। माँ ने भी उसको जकड़ लिया।

वो माँ के गले, कान, नाक , मुँह, होंठ हर जगह किस करने लगा। माँ भी राजी थी। सायद आज माँ भी चुदना चाहती थी। माँ ने भी उसको गले से लगा लिया। खूब चुम्मा चाटी हो गयी।
रजनी!! आज मुझको दे दो! वरना मैं मर जाऊंगा! वो बोला।
माँ शरमा गयी। उपाध्याय माँ को सोफे पर ले गया। उसने माँ के टॉप को निकाल दिया। फिर उनकी ब्रा को। माँ के दोनों खूबसूरत कबूतर उसके सामने आ गए। नुकीले गर्वीले, कैसे, दूधिया मम्मो को देख उपाध्याय उनपर टूट पड़ा। सीधे मुँह में भरके पीने लगा। माँ ने
उसको सीने से लगा लिया। वो माँ के दोनों कबूतरों को मस्ती ने पीने लगा। माँ को भी आनंद आया। खूब कबूतर पिये उसने मेरी 32 साल की जवान गोरी माँ के। आप लोग अंदाजा लगा सकते है कितना मजा मिला होगा उसको।

अब उसने मेरी माँ की जीन्स की बटन खोल दी। जब उतारने लगा तो जीन्स बहुत टाइट थी। उपाध्याय को बड़ी मेहनत और इंतजार करना पड़ा। बड़ी मेहनत मसक्कत के बाद वो माँ को नँगी कर पाया। माँ ने एक बड़ी महीन जालीदार पैंटी पहन रखी थी। भोसड़ी के उपाध्याय का तो लण्ड बेहने लगा। पैंटी को उसने एक ओर सरकाया। मेरी माँ का बुरपान करने लगा। आज 6 महीने के लंबे इंतजार बाद उसको मेरी माँ के बुर के दर्शन हुए थे, इसलिये उसने खूब बुर पी मेरी माँ की। माँ की चूत बिलकुल लाल हो गयी। अब उपाध्याय माँ को चोदने लगा। माँ आ आआहा ओहः के आहे भरने लगी। उपाध्याय मेरी माँ को चोदने खाने लगा।

माँ को भी सुख मिल रहा था। पापा को मरे एक साल हो गया था। माँ भी प्यासी थी। उपाध्याय ने माँ को 1 घण्टे चोदा और जड़ गया। जब मैं लौटा तो माँ को ढूंढ़ा। माँ एक सेकंड के लिये कमरे से बाहर निकली।
वैभव बेटा!! मैं जरा तुम्हारी फ़ीस जमा कर दूँ। जाओ चपरासी अंकल के साथ घूम आओ। चॉकोलेट खा लेना। माँ ने चपरासी को 100 का नोट दिया। मैं उसके साथ बाहर घूमने चला गया। माँ अंदर घुस गई फिर से। उपाध्याय अब मेरी माँ को कुतिया बनाके चोदने लगा। जब मैं 2 घण्टे बाद लौटा, वो गांडू मेरी माँ को 5 बार ले चुका था। माँ की गाण्ड भी उसने मार ली थी। रात में मेरी माँ उससे हँस हसके बात कर रही थी।
रजनी!! आज तो यार तुमने तबियत खुश कर दी!! बाय गॉड यार!! जननत दिखा दी यार रजनी तूने आज!!! उपाध्याय बोला।
माँ हँसते हँसते फोन लेकर बालकनी में चली गयी। मैं जान गया कि आज मेरी कड़क मॉल माँ मेरे स्कुल के प्रिंसिपल से चुद गयी है।

loading...

Hindi Sex Story

Hindi Sex Stories: Free Hindi Sex Stories and Desi Chudai Ki Kahani, Best and the most popular Indian top site Nonveg Story, Hindi Sexy Story.


Online porn video at mobile phone


बुर का स्वाद चुदाई कहानियाँdibali me cudane ki kahanisexy:lesbian:saas:bahu:ki:sexy:store:hinde:hindisexestorysex xxx hot भानजी कहानीchachari badi behan ki chut ki seal todibheed me maa beti ko choda forcelyबूर चौदा चौदीGULABE BUR KE XXX FOTUमामी की चोदाई बाचा के साथdibali me cudane ki kahaniमम्मी पापा और अंकल तीनो चुदाईbhabhi khet me gahas lene ai choda khanicudai ke liye sge bete ko patayakamukta bhaihotबड़ी दीदी को चूत में खीरा डालते हुए देखकर चुदाईwww.xxx.nanwej.istori.bahi.bahn.ki.hindihotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayachudakd bhaneसीमा रडिँ XNXX.COMbete or damaad se chudaihotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaxxxbahan.bahe.maa.cudai.kahaniविधवा बहन को चोदकर पतनी बनया कहनीदूधवाला ने अपनी सेक्सी मालकिन को हाथ बांध के चुड़ै रात भर किया सेक्स स्टोरीdibali me cudane ki kahaniमाँ को चूदा मालिक ने गाँङ फटीpapa k draevar na home sax vasana story hindiLADYBOSS.NOKER.SEX.HINDI.STORYजबरदस्ती चुदाई की कहानियांmarathi haaus bivi udaas aur an sax storyjabarjasti sex vedio daula kar sexsex maa thand se bachane ke liye chudi bete seतीन बहन को गोवा माँ चोदेइतना मोटा लम्बा लोडा पहली बार देखा सगेrajkumari ne jbrjast chudae krae khaniyasexstorybhankidibali me cudane ki kahanihindisexestoryएक्स एक्स एक्स वीडियो डॉट कॉम डॉट कॉम पत्नी मिलने की स्टोरीसास व पति से बदला ननद की इजत बचाई सैक्सी कहानीchachi ko honeymoon pe simla ma chodasex storyma.ko.ketme.coda.cudai.kahaniya.sexvidoes marathi souhagarathotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaPorn sexy waif of Fariend shierihotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayadibali me cudane ki kahanichacheri.bahan.ko.jabari.pelane.ki.kahaniSex stories बेटेने अपनी विधवा माँ का जबरदस्ती माँ बनाया sex ,comचुत पर मेहंदी लगा कर चुदाई कीdibali me cudane ki kahaniसुहागरात में दीदी को रखैल बना कर चोदाhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayadibali me cudane ki kahaniनोकरी के लिये माँ को सेक्स स्टोरीदोस्त की सेक्सी माँ नाभि चुड़ैuncle dadi sex vediousमाँ पुत्र वासना अन्तरवासनाsister and mom ki sexy story in hindidibali me cudane ki kahaniऔरतो की डाक्टरो से चुडाई करवाने की कहानियाकरवाचौथ के दिन मै चुद गई पापा सेभाभी को बांध antarvasnaकुवारी सहेली को छुड़वाया हिंदी कहानीhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaपति के दोस्तों के साथ शराब के नशे मे चुदवायाचुदाई कथा हिन्दी मम्मी की चूची दबाकर खूब चोदा कहानीchlti ladki ke sarh sex camucta zex ztprysister and mom ki sexy story in hindimast chudai mall dukan me kahaniरिशतो मे सेकसwww हिँदी सुंदर कथा सेकस.comभाभी कि चुत मे देवर अपना माल गिराकर भाभी को माँ बना दिया कहानियाँapni sagi maa ka paticot me hath dala jabardasti sex storyभान्जे ने चोदाhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaantarvasna kdkkamukta bhaihothotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaसासु माकि चुद का भोशडा मारासिफ मालकिन व नोकर रात की xxx comhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaमम्मी पापा और अंकल तीनो चुदाईसहेली की च** में जबरदस्ती डाली पूरी बोतल