ससुर ने बहुरानी के तड़पते जिस्म को चोद कर शांत किया

loading...

मेरे प्यारे दोस्तों, आपका स्वागत है एक बहूत ही ज्यादा कामुक स्टोरी ले के आया हु, और में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को यह बहुत पसंद आएगी और मेरी पिछली स्टोरी को इतना पसंद करने और इतने मेल करने के लिए आपका धन्यवाद। दोस्तों में इस साईट नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम को बहुत सालों से अपना समय देता आ रहा हूँ और मुझे इस पर बहुत सी कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगी। अब में आपका टाइम समय खराब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ।

loading...

मोहनलाल की पत्नी सुमित्रा की मौत 3 साल पहले हो गयी थी। अब वो 46 साल का एक असंतुष्ट आदमी था और अपने लण्ड की गरमी निकालने के लिए नई बूर की तलाश में था। उसका एक बेटा अविनाश और एक बेटी दीपा थी। बेटी की शादी गौतम के साथ हो चुकी थी जो कि फौज में काम करता था। गौतम की पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में थी और दीपा से अलग रहने पर मज़बूर था। दीपा 19 साल की जवान औरत थी.. गोरी चिट्टी, गदराया हुआ बदन, भारी बूरड़, भरी हुई चूचियाँ, मोटे होंठ, लंबा कद और कसरती जांघे। कई बार तो अपनी ही बेटी के जिस्म की कल्पना से उत्तेजित हो चुका था। वो एक ही शहर में होते हुए भी अपनी बेटी से कम ही मिलता क्योंकि वो नहीं चाहता था कि उसका हाथ अपनी ही बेटी पर लगकर इस पवित्र रिश्ते को तोड़ डाले।

loading...

अविनाश ने भी अपनी प्रेमिका मानसी से शादी करके घर बसा लिया था। मानसी एक साँवली 20 साल की लड़की थी.. बिल्कुल स्लिम, सेक्सी आँखें, लंबी टाँगें और भरा हुआ जिस्म। मानसी की ज़िद थी कि वो अलग घर में रहेगी.. तो अविनाश ने अलग घर ले लिया था। मोहनलाल अब अकेलेपन का शिकार हो रहा था कि अचानक एक दिन उसकी बहूरानी मानसी का फोन आया और वो बोली कि बाबूजी आप यहाँ पर चले आइए.. मुझे आपकी ज़रूरत है। अविनाश ने मुझे धोखा दिया है और में आपके बेटे से तलाक़ चाहती हूँ.. आप अभी चले आये बाबूजी।

तभी मोहनलाल जल्दी से अपने बेटे के घर पहुँचा तो देखा कि मानसी ने रो रो रोकर अपना बुरा हाल कर लिया था। फिर मोहनलाल उसके पास आया और पूछने लगा कि बेटी क्या हुआ? रोना बंद करो अब और मुझे पूरी बात बताओ बेटी.. तू घबरा नहीं.. तेरे बाबूजी हैं ना? शाबाश बेटी मुझे सारी बात बताओ? लेकिन मानसी कुछ नहीं बोली बल्कि उसने तस्वीरों का एक लिफ़ाफ़ा अपने ससुर की तरफ बढ़ा दिया। फिर मोहनलाल ने एक नज़र जब तस्वीरों पर डाली तो हक्का बक्का रह गया। अविनाश क़िसी पराई औरत को चोद रहा था और उसकी हर तस्वीर साफ थी और एक तस्वीर में वो औरत अविनाश का लण्ड चूस रही थी तो दूसरी में अविनाश उसकी गांड चाट रहा था, बूर चूम रहा था और तस्वीरें बिल्कुल साफ थी और उस औरत की शक्ल भी जानी पहचानी लग रही थी। वो औरत भी बहुत सेक्सी थी। गोरी, गदराया हुआ बदन, 25-26 साल की हसीना थी। फिर मोहनलाल बोला कि बेटी यह औरत कौन है? कब से चल रहा है ये सब कुछ?

फिर मानसी बोली कि बाबूजी क्या आप नहीं जानते इस औरत को? ये रीना है.. मेरी भाभी जिसको आपके बेटे ने फंसाया हुआ है। आपका बेटा मुझसे और मेरी सग़ी भाभी से शारीरिक संबंध बनाए हुए है। तभी मोहनलाल कहने लगा कि यह शरम की बात है उसको मर जाना चाहिए.. जो अपनी बहन समान भाभी को चोद रहा है और दिन रात उसके साथ चिपका रहता है। तभी मानसी बोली कि हाँ बाबूजी और में यहाँ करवटें बदलती रहती हूँ। तभी मोहनलाल की नज़र अब अपनी बहूरानी के रोते हुए चेहरे पर से ऊपर नीचे होते हुए सीने पर जा रुकी। मानसी का कमीज़ बहुत नीचे गले का था और उसके सीने का उभार आधे से अधिक बाहर खनक रहा था। तभी बूब्स की गहरी घाटी देखकर ससुर का दिल बहक उठा और मोहनलाल जानता था कि जब औरत के साथ बेवफ़ाई हो रही हो तो वो गुस्से और जलन में कुछ भी कर सकती है। इस वक्त उसकी बहूरानी को कोई भी ज़रा सी हमदर्दी जता कर चोद सकता था और अगर कोई भी चोद सकता था तो फिर मोहनलाल क्यों नहीं? और ऐसा माल बाहर वाले के हाथ क्यों लगे? और बेटे की पत्नी उसके बाप के काम क्यों ना आए?

फिर मोहनलाल बोला कि बेटी घबरा मत.. में हूँ ना तेरी हर तरह की मदद के लिए। बोलो कितने पैसे चाहिए तुझे.. दस लाख, बीस लाख.. में तुझे इतना धन दूँगा कि तुझे कोई कमी ना रहेगी और कभी अविनाश के आगे हाथ नहीं फैलने पड़ेंगे। बस तुम मेरे घर की इज़्ज़त रख लो और अविनाश की बात किसी से मत कहना और तुझे जब भी किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे बुला लेना। गोपी ने कहा और अपनी बहूरानी को बाहों में भर लिया। रोती हुई बहूरानी उसके सीने से चिपक गयी और जब मानसी का गरम जिस्म ससुर के साथ लिपटा तो एक करंट उसके जिस्म में दौड़ गया जिसका सीधा असर उसके लण्ड पर हुआ। तभी 45 साल के पुरुष में पूरा जोश भर गया और उसने अपनी बहूरानी को सीने से भींच लिया और उसके गालों को सहलाने लगा।

उधर जवान बहूरानी ने जब इतने दिनों के बाद आदमी के जिस्म को स्पर्श किया तो उसकी बूर में भी एक आग सी मच गयी और वो एक मिनट के लिए भूल गयी कि मोहनलाल उसका पति नहीं बल्कि पति का बाप था। मोहनलाल ने बहूरानी को गले से लगाया हुआ था और फिर वो सोफे पर बैठ गया और मानसी उसकी गोद में। जब अपने ससुर के लण्ड की चुभन बहूरानी के बूरड़ पर होने लगी तो बहूरानी भी रोमांचित हो उठी और वैसे भी ससुर ने पैसे देने का वादा तो कर लिया था। अब उसकी जिस्मानी ज़रूरतों की बात थी तो वो सोचने लगी कि क्यों ना अविनाश से बदला लेने के लिए उसके बाप को ही अपने जाल में फंसा लूँ? बाबूजी का लण्ड तो बहुत मोटा ताज़ा महसूस हो रहा है.. अगर मदारचोद अविनाश ने मेरी भाभी को फंसाया है तो क्यों ना में उसके बाप को अपना पालतू चोदू आदमी बना लूँ? और वैसे भी बुजुर्ग आसानी से पट जाते हैं और फिर औरत को एक जानदार लण्ड तो चाहिए ही। अब तरकीब लगानी है कि ससुर जी को कैसे लाईन पर लाया जाए? और उसके लिए खुल जाना बहुत ज़रूरी है। तभी मानसी अपनी स्कीम पर मुस्कुरा उठी और कहने लगी कि मेरे प्यारे बाबूजी, आप कितना ख्याल रखते हैं अपनी बहूरानी का? में आपकी बात मानूँगी और घर की बात बाहर नहीं जाने दूँगी.. यह बात कहते हुए उसने प्यार से अपने ससुर के होंठों को चूम लिया। मोहनलाल भी औरतों के मामले में बहुत समझदार था और जनता था कि उसकी बहूरानी को चोदने में कोई मुश्किल नहीं आएगी। तभी उसका लण्ड उसकी बहूरानी के बूरड़ में घुसने लगा तो बहूरानी भी शरारत से बोली कि बाबूजी ये क्या चुभ रहा है मुझे? शायद कोई सख्त चीज़ मेरे कूल्हों में चुभ रही है। फिर मोहनलाल बड़ी बेशर्मी से हंस कर बोला कि बेटी तुझे धन के साथ साथ इसकी भी बहुत ज़रूरत पड़ेगी.. धन बिना तो तू रह लेगी लेकिन लण्ड के बिना रहना बहुत मुश्किल होगा.. मेरी प्यारी बेटी को इसकी ज़रूरत बहुत रहेगी और बेटे का तो ले चुकी है अब अपने बाबूजी का भी लेकर देख लो और अगर तुझे खुश ना कर सका तो जिसको मर्ज़ी अपना यार बना लेना।

तभी मोहनलाल का हाथ सीधा बहूरानी की बूब्स पर जा टिका और बहूरानी मुस्कुरा पड़ी और उसने अपने ससुर के लण्ड पर हाथ रखा तो लण्ड फूंकार उठा। पेंट में तंबू बन चुका था। तभी मानसी समझ गयी थी कि अब बेटे के बाद बाप को ही अपना पति मान लेने में भलाई है। फिर मोहनलाल ने बहूरानी के सर पर हाथ फैरते हुए कहा कि रानी बेटी अब ज़िप भी खोल दो ना और देख लो अपने बाबूजी का हथियार और अपने कपड़े उतार फेंको और मुझे भी अपना खज़ाना दिखा दो। तभी बहूरानी ने झट से ज़िप खोल दी और बाबूजी की अंडरवियर नीचे सरकाते हुए लण्ड को अपने हाथों में ले लिया और कहने लगी कि बाबूजी आपका लण्ड तो आग की तरह दहक रहा है.. लगता है माँ जी के जाने के बाद से यह बेचारा प्यासा है। खैर अब में आ गयी हूँ इसका ख्याल रखने के लिए। ये बहुत बैचेन हो रहा है अपनी बहूरानी को देख कर। फिर मोहनलाल ने भी अब अपना हाथ कमीज़ के गले में डालकर मानसी की बूब्स भींच ली और उसके निप्पल को मसलने लगा। तभी जल्दी जल्दी दोनों प्यासे जिस्म नंगे होने को बेकरार हो रहे थे और बहूरानी ने ससुर की पेंट नीचे सरका दी और उसके लण्ड को किस करने लगी। फिर मोहनलाल बोला कि बेटी तेरे बाबूजी का कैला कैसा है स्वाद पसंद आया? लेकिन बहूरानी तो बस कैला खाने में मग्न हो चुकी थी। फिर मानसी बोली कि बाबूजी मेरा मन तो कैले के साथ आपके आंड भी खा जाने को कर रहा है.. कितने भारी हो चुके है यह आंड.. इनका पूरा रस मुझे दे दो आज बाबूजी प्लीज।

तभी मोहनलाल बोला कि इनका रस तुझे मिल जाएगा लेकिन उसके लिए तुमको पूरा नंगा होना पड़ेगा और अपने बाबूजी को अपने जिस्म का हर अंग दिखना पड़ेगा ताकि तेरे बाबूजी तुझे प्यार कर सकें। अपनी बेटी के अंग अंग को चूम सकें, सहला सकें और अपना बना सकें। बेटी आज मुझे अपने जिस्म की खूबसूरती दिखा दो। मुझे तो कल्पना करने से ही उतेज्ना हो रही है। मेरी रानी बेटी.. आज तेरी फिर से सुहागरात होने वाली है अपने बाबूजी के साथ। आज हम दो जिस्म एक जान हो जाने वाले हैं। बेटी क्या घर में विस्की है? लेकिन मुझे अपनी किस्मत पर विश्वास नहीं हो रहा.. अपनी रानी बेटी को आज नागन रूप में देखकर कहीं में मर ना जाऊ? में अपना मन मज़बूत करने के लिए दो घूँट पी लूँ तो बहुत अच्छा होगा। आज मेरी अप्सरा जैसी बेटी मेरी हो जाएगी बेटी तुम कपड़े उतार लो और ज़रा विस्की ले आना मानसी मुस्कुराती हुई उठी और दूसरे रूम में चली गयी।

फिर 10 मिनट के बाद जब वो लौटी तो केवल काली पेंटी और ब्रा में थी और मोहनलाल पूरी तरह से नंगा था। वो अपने लण्ड को मुठिया रहा था और वासना भरी नज़र से मानसी को घूर रहा था और मानसी का सांवला जिस्म देखकर उसका लण्ड आसमान की तरफ उठा हुआ था। कसी हुई पेंटी में उसकी बहूरानी की बूर उभरी हुई थी और बूब्स तो ब्रा को फाड़कर बाहर आने को उतावली हो रही थी। मानसी के हाथ में ट्रे थी जिसमे शराब की बॉटल रखी हुई थी जो उसने टेबल पर रखी और बाबूजी के लिए पेक बनाने लगी। तभी गोपी ने अपना एक हाथ आगे बड़ाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और वो मचल गयी.. लेकिन मुस्कुरा पड़ी। बाबूजी ने अपनी बहूरानी की बूब्स को मसल दिया और बोली कि बेटी क्या मेरा बेटा भी तेरी बूब्स को इतना प्यार करता है? इसको चूसता है? और बेटी तुम भी तो एक पेक पी लो.. अपने लिए भी पेक बनाओ। दोस्तों ये स्टोरी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी मानसी पहले झिझकी लेकिन फिर दूसरे ग्लास में शराब डालने लगी और जब पेक बन गये तो गोपी ने बहूरानी को गोद में बैठा लिया और अपने हाथ से पिलाने लगा। फिर वो कहने लगी कि बाबूजी जब में पी लेती हूँ तो मेरी वासना बहुत बड़ जाती है और में अपने होश में नहीं रहती। तभी मोहनलाल मुस्कुरा कर बोला कि बेटी आज होश में रहने की ज़रूरत भी नहीं है और मुझे ज़रा अपने दूध पी लेने दो। ऐसी कड़क बूब्स मैंने आज तक नहीं देखी है और मोहनलाल वो बूब्स चूसने लगा.. जिसको कभी उसका बेटा चूसा रहा था। तभी ग्लास ख़त्म हुआ तो मोहनलाल मस्ती में भर गया और उसने अपनी बहूरानी को अपने सामने खड़ा किया और अपने होंठ उसकी फूली हुई बूर पर रख दिए और पेंटी के ऊपर से ही किस करने लगा।

मानसी कहने लगी कि बाबूजी क्या एसे ही करते रहोगे या फिर बेटिंग भी करोगे? मैंने आपके लिए पिच से घास साफ कर रखी है दिखाऊँ क्या? मोहनलाल जोर से हंस पड़ा। क्योंकि चुदाई में बेशर्मी बहुत ज़रूरी होती है और उसकी लण्ड की प्यासी बहूरानी बेशर्म हो रही थी। वो कहने लगा कि बेटी मेरा लण्ड कैसा लगा? और में भी देखता हूँ कि तेरा पिच तैयार है.. सेंचुरी बनाने के लिए या नहीं? पिच से खुश्बू तो बहुत बढ़िया आ रही है और यह कहते हुए उसने पेंटी की इलास्टिक को बहूरानी के कूल्हों से नीचे सरका दिया और तभी कसे हुए बूरड़ नंगे हो उठे और शेव की हुई बूर मोहनलाल के सामने मुस्कुरा उठी। मोहनलाल ने धीरे से पेंटी को बहूरानी की कसी हुई जांघों से नीचे गिरा दिया और अपने बेटे की पत्नी की बूर को प्यार से निहारने लगा। बूर के उभरे हुए होंठ मानो आदमी के स्पर्श के लिए तरस गये हों। फिर मोहनलाल ने एक सिसकी भरकर अपना हाथ बूर पर फैरा और फिर अपने होंठ बूर पर रख दिए। बूर मानो आग में दहक रही हो। फिर मानसी कहने लगी कि ओह बाबूजी मेरे प्यारे बाबूजी क्यों आग भड़का रहे हो? इस प्यासी बूर की प्यास बुझा दो ना.. प्लीज। अब आप ही इस जवान बूर के मालिक हो.. इसको चूसो, चाटो, चोदो, लेकिन अब देर मत करो बाबूजी.. में मरी जा रही हूँ। फिर मोहनलाल ने बहूरानी के बूरड़ कसकर थाम लिए और जलती हुई बूर में जीभ घुसाकर चूसने लगा। जवान बूर के नमकीन रस की धारा ने उसकी जीभ का स्वागत किया जिसको मोहनलाल पीने लगा। बहूरानी ने अपनी जांघे खोल दी जिससे ससुर के मुहं को चूसने में आसानी हो और कामुक ससुर किसी कुत्ते की तरह बूर चूसने लगा और उधर मानसी की वासना भड़की हुई थी और वो अपने ससुर के लण्ड को चूसने के लिए उतावली और गरम हो रही थी।

तभी मानसी कहने लगी कि बाबूजी मुझे बिस्तर पर ले चलो.. मुझे भी आपका कैला खाना है आपके बेटे को तो मेरी परवाह नहीं है.. उस बहनचोद ने तो मेरी भाभी को ही मेरी सौतन बना रखा है। आप मुझे चोदकर अविनाश की माँ का दर्जा दे दो बाबूजी.. प्लीज। उधर मोहनलाल बहूरानी की बूर से मुहं हटाने वाला नहीं था.. लेकिन बहूरानी का कहा भी टाल नहीं सकता था। तभी कामुक ससुर ने अपनी नग्न बहूरानी के जिस्म को बाहों में उठाया और अपने बेटे के बिस्तर पर ले गया। बहूरानी का नंगा जिस्म बिस्तर पर फैला हुआ देखकर मोहनलाल नंगा हो गया और इतनी सेक्सी औरत तो उसकी सग़ी बेटी भी होती तो आज वो उसको भी चोद देता। मोहनलाल अपनी बहूरानी पर उल्टी दिशा में लेट गया था तो उसका लण्ड बहूरानी के मुहं के सामने था और बहूरानी की बूर पर उसका मुहं झुक गया। मानसी समझ गयी कि उसे क्या करना है। उसने दोनों हाथों में ससुर जी का लण्ड थाम लिया और उस आग के शोले को मुहं में भर लिया और मानसी मोहनलाल के सूपाड़े को चाटने लगी। लण्ड को चूसते हुए उस पर दाँत से भी काटने लगी और अंडकोष को मसलने लगी।

उधर ससुर भी अपनी जीभ बहूरानी की बूर की गहराई में मुहं घुसाकर चुदाई करने लगा। दोनों कामुक जिस्म मुहं से चुदाई करते हुए सिसकियाँ भरने लगे.. आहह उूुुउफ आआहह… तभी गोपी को लगा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो जल्दी ही झड़ जाएगा। इसलिए उसने बहूरानी को अपने आप से अलग कर लिया और उसने बहूरानी को लेटा लिया और उसकी जांघों को खोल कर ऊपर उठा दिया। फिर उसने अपना सुपाड़ा मानसी की बूर पर टिकाया और बूर पर रगड़ने लगा और मानसी सिसकियाँ भरने लगी और कहने लगी कि उफफफफफ्फ़ अहह बाबूजी क्यों इतना तरसा रहे हो? डाल दो ना और वो कराह उठी.. बाबूजी चोद डालो अपनी बहूरानी को.. आपकी बहूरानी की बूर मस्ती से भरी पड़ी है.. मसल डालो अपनी बेटी की प्यासी बूर को और जो काम आपका बेटा ना कर सका आज आप कर डालो। बाबूजी अब जल्दी से चोदना शुरू करो.. मेरी बूर जल रही है। तभी गोपी ने अपना सुपाडा मानसी की बूर पर टिकाया और बूर पर रगड़ने लगा। उफफफफफ्फ़ बाबूजी.. क्यों तरसा रहे हो? डाल दो ना प्लीज कहते हुए बहूरानी ने ससुर के लण्ड को अपनी दहकती हुई बूर पर रखकर बूरड़ ऊपर उछाल दिए और लोहे जैसा लण्ड बूर में समाता चला गया। ऊऊऊऊऊऊऊऊहह.. आआअहह.. मर गयी.. में माँ डाल दो बाबूजी.. शाबाश बाबूजी चोद डालो मुझे.. मेरी बूर जल रही है। तभी मानसी की बूर से इतना पानी बह रहा था कि लण्ड आसानी से बूर की गहराई में उतर गया और बहूरानी ने अपनी टाँगें बाबूजी की कमर पर कस दी और वो अपनी गांड उछालने लगी। ससुर बहूरानी की साँस भी बहुत भारी हो चुकी थी और दोनों कामुक सिसकियाँ भर रहे थे। तभी गोपी ने बहु की बूब्स को ज़ोर से मसलते हुए धक्कों की स्पीड बढ़ा डाली और लण्ड फ़चा फ़च बूर के अंदर बाहर होने लगा। फिर गोपी ने बहूरानी के निप्पल चूसना शुरू किया तो वो बेकाबू हो गयी और पागलों की तरह चुदवाने लगी। वाह! बाबूजी वाह चोद डालिए मुझे.. चोद डालो अपनी बहूरानी की बूर.. चोदो अपनी बेटी को बाबूजी.. आह्ह बाबूजी।

फिर बाबूजी ने भी जोश में आकर धक्के और तेज़ कर दिए और इतनी जवान बूर गोपी ने आज तक नहीं चोदी थी। ऐसा बढ़िया माल उसे मिला भी तो अपने ही घर में और उत्तेजना में उसने बहूरानी के निप्पल को काट लिया तो बहूरानी चिल्ला उठी आआआअहह ऊऊऊऊओह ईईईईईईी माँआआ। बहूरानी पूरी तरह से होश खो चुकी थी मदहोश हो होकर अपने ससुर की चुदाई का मज़ा ले रही थी। पूरा कमरा कामुक सिसकियों से गूँज रहा था। मुझे मार डाला आपने बाबूजी आआअहह में जन्नत में पहुँच गयी। तभी गोपी ने अपना लण्ड बहूरानी की बूर की गहराईयों में उतार दिया और पागलों की तरह चोदने लगा और बहूरानी ससुर चुदाई के परम आनंद में डूब चुके थे ससुर का लण्ड तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था और बहूरानी की बूर की दीवारों ने उसको जकड़ रखा था। तभी बहूरानी ने बिखरती साँसों के बीच कहा अह्ह्ह मर गयी में। मेरे राजा बाबूजी चोदो मुझे और ज़ोर से मेरे बाबूजी आज मेरी बूर की तृप्ति कर डालो.. आज मुझे निहाल कर दो अपने मूसल लण्ड के साथ मुझे चोद दो मेरे बाबूजी.. मेरी बूर किसी भी वक्त पानी छोड़ सकती है।

फिर मोहनलाल का भी समय नज़दीक ही पहुँच चुका था और वो बहूरानी को जकड़ कर अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदाई में लग गया और कमरे में फ़चा फ़च की आवाज़ें गूँज रहीं थी। उसने पूरे ज़ोर से धक्के मारते हुए कहा कि बहु मेरी रानी बेटी चुदवा ले मुझसे। अब ज़ोर लगा कर मेरा लण्ड भी झड़ने के पास ही है.. ले लो इसको अपनी बूर की गहराई में मेरा लण्ड अब तेरी बूर में अपना पानी छोड़ने वाला है। मेरी रानी बेटी तेरी बूर ग़ज़ब की टाईट है.. में सदा ही तेरी बूर को चोदने का वादा करता हूँ.. मेरी रानी लो में झड़ा शीहहह.. मेरी बेटी मेरा लण्ड तेरी बूर में पानी छोड़ रहा है। मेरा रस समा रहा है तेरी प्यारी बूर में में झड़ा आआह्ह्ह्ह और इसके साथ ही उसके लण्ड ने और मानसी की बूर ने एक साथ पानी छोड़ना शुरू कर दिया और दोनों निढाल होकर एक दूसरे से लिपट कर सो गये। दोस्तों इस तरह ससुर और बहूरानी की चुदाई की शुरुआत हुई.. जो कि आज तक भी जारी है ।।

Bahu ki chudai, Bahu aur sasur ki sex, Sex kahani bahu aur sasur ki, sexy chudai ki kahani, bahoo ki chudai, bahu sex kahani, sexy bahurani, chudai bahoo ki, sexy sasur and bahu sex

loading...

Hindi Sex Story

Hindi Sex Stories: Free Hindi Sex Stories and Desi Chudai Ki Kahani, Best and the most popular Indian top site Nonveg Story, Hindi Sexy Story.


Online porn video at mobile phone


रात में विधवा आंटी को चोदानॉनवेज स्टोरी डॉटXxx video School मे मेज पर रख कर चोदाdibali me cudane ki kahanidibali me cudane ki kahanichut dikhakar pataya kahaniPati ki kmi pdosi ldke se sex khaniCooking k bahane erotica Hindi story hotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaबहन भाई भैया दीदी जंगल घर की सेक्स स्टोरी कहानी ।Antarvasana dahi birthdayunkal fas gya bhabi ne nikala sex cudaistoryhindisexestoryमैने अपनी कचची बुर चुदवा लीdibali me cudane ki kahanihotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaghar mr jakar codne bali blu film xxx fakin vidioमादर चोद रंडी भोसङे मेँ लंड डालने देगोवा मे चुदाई मौसी कि चुरिशतो मे पटाकर ओरतो की चुदाई की कहानियाँdibali me cudane ki kahaniMaa ko pregnent kiya fir shadi kiसेक्स टिप्स जो आपको रोमंचित कर दsalwar fadkar gand mari hindi sex storyjijasalisexstorysमाँ बहन सराबी सेक्सी कहानीkamukta.com bidba vaviकिनार बाहन की चूदाई कहानीयँchachee ki malis chudai khane hindeCHUT CHUDAI KI KHANIYAdibali me cudane ki kahaniboyfriend k dost ne choda hindi storydibali me cudane ki kahaniतीन बहन को गोवा माँ चोदेporn sasur ne choda jabreमैंने गैर औरत को अपना लौड़ा दिखा करचूची दूध हिंदी स्टोरीबहन को दोस्तों ने चोदाBhabhi a jabarjasti kri chut chodavi na chatibudde ne jabar jasti chudai ki ladki ki hindi sex storybahan ko lipstick la kardi sexy storiesमन सेक्स नॉनवेज स्टोरीदेबर ने मेरी भोसडी फाडी कहानियामराठी कामुक कथाdibali me cudane ki kahaniरिशते मे चूदाई की कहानीdibali me cudane ki kahaniअपनी सास को चोद चोद के गर्भवती किया सेक्सी हिंदी कहानीगुप्ता आंटी की पेटीकोट फोटोsuhagraat chudai hotel nangi ahhdibali me cudane ki kahaniमुझे ऐसे चोदो कि मेरी बुर फट जायेLADYBOSS.NOKER.SEX.HINDI.STORYwww.antarvasna Hindi chudai story.risto meसेक्सी आंटी की बस म मज़बूरी में चुदाई स्टोरी'सजिस्म की आग सेक्स स्टोरीबहन के सास को मेरा लंड पसंद आयाGAALIYA DZUDO63.RUX story papa ko seduce kar cudayi office meछोटी भाभी की विल्लेज में छोड़ेभाई से चुदना चाहती हूँdibali me cudane ki kahaniसेक्सी वीडियो भाई बहन बेटा कैसे पतये छोडा पटाखे कैसे छोड़ाadhalt rangila bap rangili beti desi sex kahanihindisexestoryanterwasna bhai bahen sexy hindi story durga puja mehindisexestoryAntarvasna nonvig waef storewww मराठी कामुकता कथा सेकस.comsister and mom ki sexy story in hindidesi.ladki.ka.bur.dekhlya.kapra.uthakeअनचुदी बूर की सील टुटी हुई कहानियाँ |bete or damaad se chudaisardiyo me bhabi ki bur chodai stoसेक्स कहाणी बेटा चुदाई70 दादीpelam pel bschha सेक्स xxx xnxxमें रोज चुड़ै के मजे लेती हुchori ke salwar me ched kiadibali me cudane ki kahaniमम्मी को बेदर्दी से छोडा हिंदी सेक्स स्टोरीदुदु चूस के चूची दबा केकामुकता डौट कम बहन की गाड मारीअनतरवासना डोट कम कुते का लड की कहानीबहन के सास को मेरा लंड पसंद आयाHoli me rang ke bahane chodaijabardasti gand Marne wali sexy pyjama materialgarbbati orat ki chuthothindisexstoryनशे मे परी की गांड ठोकी storieswww xxx bhai bahan ki cudai kahaniya